विविध पुरस्कार प्राप्त डा. ज्ञानादित्य शाक्य हुए ‘राष्ट्रपति पुरस्कार’ से सम्मानित

विविध पुरस्कार प्राप्त डा. ज्ञानादित्य शाक्य हुए ‘राष्ट्रपति पुरस्कार’ से सम्मानित

 
पुरस्कारस्वरूप प्रशस्ति प्रमाण-पत्र, एक लाख रुपये एवं अंगवस्त्र प्रदान किया गया
संवाददाता, नई दिल्ली. उत्तर प्रदेश के जनपद मैनपुरी के आलीपुर खेडा के समीप स्थित गाँव मानिकपुर में राम औतार शाक्य एवं विमला देवी के पुत्र के रूप में जन्मे डा. ज्ञानादित्य शाक्य को भारत के उपराष्ट्रपति श्री वेंकैया नायडु ने दिनांक 4 अप्रैल 2019 को नई दिल्ली में ‘महर्षि बादरायण व्यास सम्मान’ से सम्मानित किया तथा 5 अप्रैल 2019 को भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द ने राष्ट्रपति भवन में सम्बोधित भी किया। इन्हें पुरस्कारस्वरूप प्रशस्ति प्रमाण-पत्र, एक लाख रुपये एवं अंगवस्त्र प्रदान किया गया। यह राष्ट्रपति पुरस्कार बौद्ध धर्म-दर्शन में ब्रह्मविहार-भावना, अनागतवंस, छकेसधातुवंस, पंचगतिदीपनी एवं गन्धवंस आदि ग्रन्थों के उत्कृष्ट लेखन से पालि भाषा व साहित्य के विकास में प्रदत्त उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया गया। इनको इस पुरस्कार हेतु उच्चतर शिक्षा विभाग, मानव संसाधन विकास मंत्रालय (भारत सरकार) द्वारा चयनित किया गया था। पालि भाषा व साहित्य के विकास में उल्लेखनीय योगदान देने के कारण इन्होंने 36 वर्ष की अल्पायु में ही इस पुरस्कार को हासिल कर अपने पैतृक जनपद मैनपुरी का गौरव बढाया है।  डा ज्ञानादित्य को यह पुरस्कार उनकी पांच प्रकाशित पुस्तकों के आधार पर देने के लिए चयनित किया गया। इनमें से तीन पुस्तके संज्ञान प्रकाशन की ओर से प्रकाशित हैं।
पालि भाषा व साहित्य के मूर्धन्य विद्वान डा. शाक्य वर्तमान समय में सन् 2011 से गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा में सहायक प्रोफेसर के रूप में कार्यरत हैं। इन्हें उत्तर प्रदेश के राज्यपाल महामहिम राम नाईक एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री माननीय योगी आदित्यनाथ द्वारा दिनांक 7 फरवरी 2018 को ‘विविध पुरस्कार’ भी प्रदान किया जा चुका है। यह पुरस्कार पालि साहित्य के विकास में योगदान हेतु इनकी पुस्तक ‘नामरूपसमास’ पर प्रदान किया गया था। अब तक इनकी 11 पुस्तकें एवं 61 लेख प्रकाशित हो चुके हैं तथा ये 45 शोधपत्र भी प्रस्तुत कर चुके हैं। उपरोक्त 6 ग्रन्थों के अलावा आपकी 5 अन्य महत्वपूर्ण प्रकाशित ग्रन्थ जिनालंकार, दाठावंस, Anagarika Dharmapala: The Revivalist of Buddhism, बौद्ध धर्म के पुनरुद्धारक: त्रिपिटकाचार्य डा. भिक्षु धर्मरक्षित एवं The Revivalist of Buddhism: Anagarika Dharmapala and Sangharaja Saranankara हैं। उल्लेखनीय तथ्य यह है कि राष्ट्रपति पुरस्कार से पुरस्कृत पाँच ग्रन्थों में से तीन ग्रन्थ अर्थात् अनागतवंस, छकेसधातुवंस, पंचगतिदीपनी का प्रकाशन नागपुर के संज्ञान प्रकाशन द्वारा किया गया है।
ऐसा है अकेडमिक रिकार्ड 
डा. शाक्य ने अपनी प्राथमिक शिक्षा पैतृक ग्राम मानिकपुर से प्राप्त करके आलीपुर खेड़ा में स्थित डी.ए.वी. इण्टर कालेज से पूर्ण की तथा पालि विषय के साथ इण्टरमीडिऐट की शिक्षा बुद्ध इण्टर कालेज, कुशीनगर से प्राप्त करने के बाद नेशनल डिग्री कालेज, भोगाँव से स्नातक की उपाधि हासिल की। उसके बाद इन्होंने नागपुर विश्वविद्यालय से सम्बद्ध पी. डब्ल्यू. एस. कालेज, नागपुर के पालि व प्राकृत विभाग में प्रथम श्रेणी व स्वर्णपदक के साथ स्नातकोत्तर किया। तदुपरान्त इन्होंने ‘पालि भाषा व साहित्य’, ‘बौद्ध, जैन, गाँधी एवं शान्ति अध्ययन’ एवं ‘धर्मों का तुलनात्मक अध्ययन’ नामक विषयों में कनिष्ठ शोध-वृत्ति के साथ राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण की और दिल्ली विश्वविद्यालय से बौद्ध अध्ययन में एम.फिल्. व पी-एच.डी. की उपाधियाँ ग्रहण की। ये पालि सोसायटी आफ इण्डिया (वाराणसी) के संस्थापक सदस्य हैं तथा इसके साथ ही इनके सम्पादकत्व व सह-सम्पादकत्व में निब्बान बोधि व संगायन नामक शोध-पत्रिकाओं के कई अंक भी प्रकाशित हो चुके हैं।
शुभकामनाओं की बारिश 
डा. ज्ञानादित्य की सफलता के लिए परिवार के सदस्यों विभा शाक्य, राहुल कुमार शाक्य, अंजुलता शाक्य, उमादत्त शाक्य, साधना बौद्ध, विभव शाक्य, डा. लोकश कुमार एवं रीता शाक्य ने शुभकामनाएँ दी। इसके साथ ही मित्रों व शुभचिन्तकों ने डा. शाक्य को इनकी उत्कृष्ट सफलता पर बधाई दी है, जिनमें प्रो. भिक्षु सत्यपाल, प्रो. रमेश प्रसाद, प्रो. अंगराज चैधरी, प्रो. भागचन्द्र जैन, प्रो. बालचन्द्र खाण्डेकर, डा. सुरजीत कुमार सिंह, डा. शुभांगी शंभरकर, डा. भिक्षु नन्दरतन, भिक्षु ज्ञानालोक, डा. भिक्षु स्वरूपानन्द, डा. रमेशचन्द्र नेगी, भिक्षु धर्मप्रिय, भिक्षु महेन्द्र, बुद्धघोष, अग्गमहापण्डित भदन्त ज्ञानेश्वर, भिक्षु धम्मवीरियो, भिक्षु इन्द्रश्री, अजय कुमार मौर्य, संजय कुमार मौर्य, सूरज बौद्ध, गिरजा शाक्य, डा. दिवाकर गरवा, डा. ओबैदुल गफ्फार, डा. सिद्दरामु, राजेश बौद्ध, मनीष शाक्य, विक्रम सिंह यादव, डा. मनीष मेश्राम, संजय स्वदेश, देवमित्र, दिनेश प्रियदर्शी, प्रदीप सिंह, श्रीकांत शाक्य, नेहल शाक्य, विभव शाक्य, रिया शाक्य, प्रदीप शाक्य, संदीप शाक्य, अभिजीत शाक्य आदि प्रमुख हैं।
     
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