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तेजस्वी के पास जवाब होता तो कुर्सी नहीं गंवानी पड़ती : सुशील

तेजस्वी के पास जवाब होता तो कुर्सी नहीं गंवानी पड़ती : सुशील
पटना. बिहार के उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने रेलवे होटल के बदले जमीन मामले में राष्ट्रीय जनता दल अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव और उनके पुत्र तेजस्वी प्रसाद यादव को पूछताछ के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से मिले समन पर आज कहा कि इस मामले में यदि तेजस्वी के पास जवाब होता तो उन्हें उप मुख्यमंत्री का पद नहीं गंवाना पड़ता। श्री मोदी ने यहां कहा कि रेलवे के पुरी और रांची के दो होटलों का ठेका देने के बदले व्यवसायी कोचर बंधुओं से पटना में तीन एकड़ जमीन लेने के मामले में सीबीआई को श्री यादव एवं तेजस्वी यादव क्या जवाब देंगे। उन्होंने कहा कि यदि तेजस्वी के पास जवाब होता तो उन्हें अपनी कुर्सी नहीं गंवानी पड़ती। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी तो उनसे केवल जवाब ही मांगा था, जो वह दे नहीं सके। उप मुख्यमंत्री ने सवालिया लहजे में कहा कि क्या तेजस्वी यादव सीबीआई को बता पायेंगे कि पटना की जिस तीन एकड़ जमीन पर उनका 750 करोड़ रुपये का बिहार का सबसे बड़ा 12 मंजिला शॉपिंग मॉल बन रहा था उस जमीन के वे मालिक कैसे बने। क्या वह बतायेंगे कि महज 24 साल की उम्र में उन्हें पटना की इतनी कीमती जमीन कैसे मिल गई। श्री मोदी ने कहा कि तेजस्वी बतायेंगे कि डिलाइट मार्केटिंग कम्पनी के वे मालिक कैसे बन गए। उन्होंने कहा कि वह जवाब दे पाएंगे कि आठ नवंबर 2016 को नोटबंदी की घोषणा होने के केवल चार दिन बाद ही डिलाइट कंपनी का नाम बदलकर लारा (लालू-राबड़ी) प्रोजेक्ट क्यों कर दिया गया।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि क्या श्री यादव बतायेंगे कि कोचर बंधुओं ने उनके करीबी एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रेमचंद्र गुप्ता की कम्पनी डिलाइट मार्केटिंग को 200 करोड़ की तीन एकड़ जमीन क्यों रजिस्ट्री कर दी थी। गुप्ता परिवार ने अपनी पारिवारिक कम्पनी और करोड़ों की जमीन लालू परिवार को क्यो सौंप दी थी। इसके अलावा इस कंपनी के सारे शेयर श्री यादव की पत्नी एवं पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव के नाम कैसे स्थानांतरित हो गए। श्री मोदी ने कहा कि दरअसल इनमें से किसी भी सवाल का जवाब तेजस्वी और राजद अध्यक्ष के पास नहीं है। उन्होंने कहा कि चारा घोटाले में भले ही राजद अध्यक्ष को सजा होने में 12 साल लग गये लेकिन होटल के बदले जमीन मामले में सजा होने में 12 महीने भी नहीं लगेंगे। हजार करोड़ रुपये से अधिक की बेनामी सम्पत्ति इकट्ठा करने के लिए श्री यादव ने जिस तरह की गड़बड़ियां की हैं वैसे में उन्हें और तेजस्वी को अभी सीबीआई ही नहीं प्रवर्तन निदेशालय, आयकर विभाग और न्यायालय को भी जवाब देना होगा। उल्लेखनीय है कि पटना में करोड़ों रुपये के होटल जमीन घोटाले के संबंध में सीबीआई ने श्री यादव और श्री तेजस्वी यादव को समन किया है। सीबीआई ने राजद अध्यक्ष को 11 सितंबर और श्री तेजस्वी यादव को 12 सितंबर को पूछताछ के लिए बुलाया है। यह मामला वर्ष 2006 का है, जब राजद प्रमुख रेल मंत्री थे।

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Filed Under: देश-दुनिया

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