बस्तर का सबसे ऊंचा जलप्रपात, पर्यटन स्थल बनाने की तैयारी

बस्तर का सबसे ऊंचा जलप्रपात, पर्यटन स्थल बनाने की तैयारी

बीजापुर. छत्तीसगढ के बस्तर संभाग के बीजापुर जिले में प्रशासन ने संभाग के सबसे ऊंचे जलप्रपात को विश्व पर्यटन के मानचित्र पर उभारने की तैयारी कर ली है। जिला मुख्यालय से लगभग 64 किमी दूर तेलंगाना सीमा पर मौजूद नम्बी जलधारा को गुमनामी के साए से निकाल विकसित करने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। यह जलप्रपात धुर नक्सली क्षेत्र में है, जहां के पहुंचमार्ग को भी नक्सलियों ने बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया है। पुलिस महानिरीक्षक विवेकानंद सिन्हा समेत प्रशासन के कई आला अधिकारियों के यहां पहुंचने के बाद अब इसे पर्यटन स्थल के तौर पर विकसित करने की तैयारी है। सूत्रों के मुताबिक नम्बी जलधारा तक पहुँचने के लिए बीजापुर कलेक्टर डॉ अय्याज तम्बोली, दंतेवाडा कलेक्टर सौरभ कुमार, बीजापुर पुलिस अधीक्षक केएल ध्रुव और सीआरपीएफ 229 बटालियन के कमांडेंट टी विश्वनाथ कल कई किलोमीटर पैदल चल कर जलप्रपात पहुंचे। इसके बाद आईजी श्री सिन्हा भी जलधारा देखने के लिए महज 15 जवानों की टुकड़ी के साथ वहां पहुंच गए। अधिकारियों ने जलधारा के ऊपर से नीचे तक रस्सी फेंकी, जिसके बाद जलधारा की ऊंचाई 180 मीटर पाई गई। सुरक्षाबलों की पूरे समय चौकसी के बीच पूरी टीम वहां से लौटी। वर्ष 2001 में आंध्रप्रदेश सरकार ने अपने इलाके से नम्बी जलधारा को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए सर्वे किया था, परंतु नक्सलवाद के चलते पूरा प्रोजेक्ट ठंडे बस्ते में चला गया था। दौरे से लौटने के बाद आईजी श्री सिन्हा ने बताया कि नम्बी जलधारा चित्रकोट और तीरथगढ़ से भी ज्यादा खूबसूरत है। नक्सलियों ने यहाँ पहुँचने वाली सड़क को कई जगह काट रखा है। जल्द ही इसे सडक मार्ग से जोड़कर पर्यटन स्थल के रूप में विकसित कर सैलानियों के लिए खोल दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि नम्बी के लोगों के कई बार आग्रह के चलते पूरी टीम वहां पहुंची थी। जल्द ही इलाके में विकास कार्य प्रारंभ किए जाएंगे।

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