प्रो. एस. के. सिंह बने बस्तर विश्वविद्यालय के नए कुलपति

प्रो. एस. के. सिंह बने बस्तर विश्वविद्यालय के नए कुलपति

रायपुर. प्रो. एस. के. सिंह बस्तर विश्वविद्यालय के नए कुलपति नियुक्त किए गए हैं. राज्यपाल के सचिव अशोक अग्रवाल द्वारा इस संबंध में गुरुवार को आदेश जारी किया गया. उनकी नियुक्ति छत्तीसगढ़ विश्वविद्यालय अधिनियम 1973 की धारा 13 की उपधारा 1 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए की गई है.  प्रो. सिंह वर्तमान में पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में सांख्यिकी विभाग के प्राध्यापक हैं. रविवि में उनकी नियुक्ति 1996 में रीडर के तौर पर हुई. 1998 में वे प्रोफेसर बने. वे लंबे समय तक विश्वविद्यालय कार्यपरिषद के सदस्य रहे. इसके अलावा डीन साइंस, डीसीडीसी, डॉटरेक्टर फिजिकल एजुकेशन के पद पर भी कार्यरत रहे. प्रो. सिंह भोज मुक्त विश्वविद्यालय के रीजनल डॉयरेक्टर और पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के डिस्टेंस कोर्स के भी डॉयरेक्टर रह चुके हैं. वे दिसंबर 2014 से मार्च 2014 तक मैट्स विश्वविद्यालय के कुलपति भी रहे. रविवि में सेंट्रल परचेस कमेटी के चेयरमैन के अलावा वे विभाग के एचओडी भी रह चुके हैं. प्रो. सिंह ने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से स्नातक की उपाधि प्राप्त की. चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से उन्होंने एमफिल और पीएचडी किया. प्रो. सिंह के 80 से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय शोध पत्र प्रकाशित हो चुके हैं. उन्होंने 100 से अधिक गेस्ट लेक्चर और 40 से अधिक राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस में हिस्सा लिया है. शिक्षा के अलावा खेलों के प्रति भी उनकी विशेष रुचि रही है. वे दो बार इंटर यूनिवर्सिटी क्रिकेट खेल चुके हैं, वहीं सुब्रतो कप फुटबाल में हिस्सा ले चुके हैं.  बस्तर विश्वविद्यालय में स्थाई कुलपति का पद सितंबर 2016 से रिक्त है. कुलपति प्रो. एनडीआर चंद्रा को हटाए जाने के बाद बस्तर संभागायुक्त को प्रभारी कुलपति बनाया गया. तब से वे ही विश्वविद्यालय की जिम्मेदारी सम्हाल रहे हैं. प्रो. चंद्रा पर मनमानी और गड़बड़ियों के आरोप लगे थे, जिसके बाद राज्यपाल बलरामजी दास टंडन ने विश्वविद्यालय अधिनियम 1973 का प्रयोग करते हुए उन्हें पद से हटा दिया. प्रो. चंद्रा की नियुक्ति 12 फरवरी 2013 को की गई थी. रजिस्ट्रार इंदु अनंत के साथ उनके विवाद ने प्रदेश में काफी सुर्खियां बटोरी. उनके खिलाफ राज्य शासन से लेकर राजभवन तक लंबी-चौड़ी शिकायत की गई थी.
नए कुलपति के सामने ऐसी चुनौति
बस्तर विश्वविद्यालय में उनकी पहली प्राथमिकता समय पर कोर्स पूरा कराना, परीक्षा लेना और नतीजे देना होगा. विद्यार्थी सालभर मेहनत करते हैं, इसलिए उनकी मेहनत का फल समय पर मिल सके, इससे बेहतर कुछ नहीं होगा. यह कहना है कि बस्तर विश्वविद्यालय के नए कुलपति प्रो. एसके सिंह का. प्रो. सिंह के अनुसार बेहद खुशी है कि उन्हें ऐसे विश्वविद्यालय का कुलपति बनाया गया है, जहां काम करने के बहुत अवसर हैं. उनका सौभाग्य है कि उन्हें आदिवासी क्षेत्र के विश्वविद्यालय का कुलपति नियुक्त किया गया है.

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