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नीतीश से उसूूलों की लड़ाई, निलंबन से डरने वाले नहीं: अली अनवर

नई दिल्ली. राज्यसभा  में  जनता दल (यू) के उप नेता पद से निलंबित किये गए पार्टी के बागी नेता  अली अनवर ने पार्टी अध्यक्ष एवं बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ उसूलों की लड़ाई छेड़ने का आह्वान करते हुए कहा है कि वह इस लड़ाई को जनता के बीच ले जाएंगे। गौरतलब है कि कल कांग्रेस के नेतृत्व में 16 विपक्षी दलों की बैठक में भाग लेने के कारण श्री अनवर को  संसदीय दल से निलंबित कर दिया गया था और पार्टी के वरिष्ठ नेता श्री शरद यादव को भी राज्यसभा में संसदीय दल के नेता पद से हटा दिया गया। पसमांदा मुसलमानों के नेता श्री अनवर ने श्री कुमार से अपनी लड़ाई को व्यक्तिगत नहीं बल्कि उसूलों की लड़ाई करार देते हुए पत्रकारों से कहा कि वह राज्यसभा में पार्टी के नेता श्री यादव के कहने पर ही विपक्ष की बैठक में भाग लेने गए थे क्योंकि कल तक सदन में वही नेता थे और वह पार्टी के संस्थापक भी रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह उन्होंने बैठक में भाग लेकर कोई गलत कार्य नहीं किया लेकिन श्री कुमार ने उन्हें ़फौरन संसदीय दल  से निलंबित कर दिया पर वसूलों के लिए किसी भी तरह की कुर्बानी छोटी होगी। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि वह पार्टी से निलंबन को लेकर भी डरने वाले नहीं हैं। यह पूछे जाने पर कि क्या वे लोग जनता दल से निकाले जाने की स्थिति में राष्ट्रीय जनता दल में शामिल होंगे। श्री अनवर ने कोई सीधा जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा कि वे लोग कॉलेज, विश्वविद्यालय और गाँव-गाँव जाकर अपनी बात कहेंगे तथा नागरिक समाज तथा युवकों छात्रों को लामबंद करेंगे और देश की साझा विरासत को बचाने के लिए नागरिक समाज का आन्दोलन खड़ा करेंगे। भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के बारे में समय-समय पर श्री कुमार के बयानों का जिक्र करते हुए श्री अनवर ने कहा कि श्री कुमार ने ही कहा था कि भाजपा मुखौटा है और संघ के बगैर कोई पत्ता तक नहीं हिलता, मिट्टी में मिल जायेंगे लेकिन भाजपा से हाथ नहीं मिलायेंगे लेकिन वह रातों-रात नहीं बल्कि कुछ घंटों में ही बदल गए। यहाँ तक कि विधायकों को भी पता नहीं चला और भाजपा से हाथ मिलाने के बारे में पार्टी के किसी मंच पर चर्चा तक नहीं हुई। पत्रकारिता से  राजनीति में  आये श्री अनवर ने कहा कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के कार्यकाल में राष्ट्रपति के चुनाव में श्री कुमार ने तो राजग के विरुद्ध श्री प्रणव मुखर्जी की उम्मीदवारी का समर्थन किया था और पिछले दिनों उपराष्ट्रपति के चुनाव में विपक्ष के उम्मीदवार गोपाल कृष्ण गांधी का समर्थन करने का उन्होंने फैसला लिया,जब श्री कुमार इस तरह के विरोधाभासी रुख अख्तियार कर सकते हैं तो हम लोगों ने वसूलों की लडाई लड़ कर क्या गलत किया। उन्होंने कहा,हम लोग कोई भेड़-बकरी तो नहीं कि उनकी हर बात मन लें। उन्होंने कहा कि श्री कुमार ने पहले तो 26 जुलाई को होने वाली पार्टी की बैठक स्थगित कर दी और 19 अगस्त को बैठक की अगली तारीख मुकर्रर की। आखिर भाजपा से हाथ मिलाने के बारे में फैसला करने के लिए 19 अगस्त तक तो रुक जाते। उन्होंने कहा,”श्री कुमार हमें आइना दिखा रहे हैं लेकिन पहले वह खुद आइना देख लें। श्री अनवर ने कहा कि उनकी लड़ाई केवल पार्टी के लिए, किसी धर्म के लिए और बिहार तक ही सीमित नहीं बल्कि लोकतंत्र को बचाने की है। लोकतंत्र बचेगा तो देश बचेगा। उन्होंने बताया कि 17 अगस्त को दिल्ली में ‘साझी विरासत बचाओ’ सम्मेलन होगा जिसे श्री शरद यादव आयोजित कर रहे हैं। उसमें समान विचारधाराओं के लोग आमंत्रित किये गये हैं।

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