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बसपा ने दिखाई ताकत, धरने में जुटे हजारों लोग

मायावती के इस्तीफे का समर्थन, भाजपा और मोदी सरकार पर बरसे
रायपुर. भाजपा और उसकी सरकारों के खिलाफ छत्तीसगढ़ में भी बसपा सड़क पर उतर आई है. पार्टी के हजारों लोगों ने गुरुवार को यहां बूढ़ापारा में धरना दिया. दलितों पर अत्याचार और मायावती के राज्यसभा से इस्तीफे को लेकर बसपा नेताओं ने जमकर हमला बोला. धरना बसपा की प्रदेश इकाई ने आयोजित किया था. प्रदेशभर से बसपा के लोग बसों में सवार होकर रायपुर पहुंचे. हालत ये थी कि बूढ़ापारा से लेकर गास मेमोरियल मैदान तक बसों की लाइनें लगी थीं. धरना स्थल पर पार्टी के झंडे ही झंडे नजर आ रहे थे. एक वाहन पर हाथी की विशाल प्रतिमा रखी गई थी. धरने में पार्टी के प्रभारी एम. एल. भारती, जी. पी. उपासक, ओ. पी. बाजपेयी, प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट सदानंद मारकण्डेय, विधायक डॉ. केशव चंद्रा, पूर्व विधायक दूजराम बौद्ध, कामदा जोल्हे, हेमंत पोयाम, उमेश मानिकपुरी सहित कई नेता मौजूद थे. इन नेताओं ने धरना स्थल पर सभा भी ली. वक्ताओं ने कहा कि भाजपा और उसकी सरकारें दलितों, आदिवासियों, पिछड़ा वर्ग, मुस्लिमों, अन्य अल्पसंख्यकों, किसानों, गरीबों पर अत्याचार कर रही हैं. भाजपा की जातिवादी, साम्प्रदायिक और पूंजीवादी नीतियों का पर्दाफाश हो गया है. बसपा की सुप्रीमो ने भाजपा सरकार के अत्याचार का मामला राज्यसभा में उठाना चाहा तो उन्हें बोलने नहीं दिया गया. सुश्री मायावती को सिर्फ 3 मिनट बोलने का समय दिया गया था. इस दौरान भी मोदी सरकार के लोग हल्ला करते रहे. इसी वजह से मायावती ने राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने का फैसला लिया. बसपा नेताओं ने कहा कि आज हम सुश्री मायावती के इस फैसले के सम्मान में एकत्र हुए हैं. भाजपा और उसकी सरकार ने बहन मायावती का नहीं बल्कि देश के करोड़ों बहुजनों और सर्वसमाज का अपमान किया है. मायावती सर्वसमाज की आवाज बन चुकी हैं, उन्हें रोका नहीं जा सकता. धरना स्थल पर ही बसपा के लोगों ने संकल्प लिया कि आगामी चुनावों में भाजपा को हराकर अपमान का बदला लेंगे और 2019 के लोकसभा चुनाव में मायावती को प्रधानमंत्री बनाएंगे.

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